Overview Of The Course
कोर्स का सामान्य विवरण
Check out the YT video below for the overview of the course.
नमस्कार दोस्तों, रोजगार मंथन के हिंदी भाषा आशुलिपि कोर्स में आपका स्वागत है । उम्मीद करते हैं कि आप यहां तक आये हैं तो जरूर आपको कोर्स सीखना होगा और आपको थोड़ा सा ज्ञान हिंदी आशुलिपि के बारे में होगा । यदि ऐसा नहीं भी है और आप चाहते हैं हिंदी भाषा आशुलिपि या संकेत लिपि को सीखना तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। आइये, साथ मिलकर इसके बारे में जानेंगे और सीखेंगे ।
2. क्या है हिंदी आशुलिपि/संकेत लिपि – दोस्तों, आशुलिपि, संकेत लिपि, शोर्टहैंड या फिर स्टेनोग्रॉफी (अंग्रेजी में) सबका एक ही अर्थ होता है- छोटा और सांकेतिक लिपि में लिखना । इस लिपि में हम हिंदी भाषा के सभी अक्षरों, शब्दों तथा वाक्यों को कुछ सांकेतिक लिपि में लिखते हैं जो बहुत ही छोटे और लिखने में आसान होते हैं ।
3. संकल्पना तथा आवश्यकता – दोस्तों, आशुलिपि की आवश्यकता क्यों हुई- जब हम सामान्य गति से बोलते या पढ़ते हैं तो उसकी गति लगभग 70-80 शब्द प्रति मिनट होती है तथा सामान्य भाषा लिपि में लिखने की गति अधिक से अधिक 40 शब्द प्रति मिनट हो सकती है या और अधिक लें तो 45 शब्द प्रति मिनट। इसलिए जब भी किसी के वकतव्यों को जो भाषण दे रहा हो, पढ़ रहा हो, बात-चीत कर रहा हो, डिबेट कर रहा हो या और किसी भी प्रकार के साक्षात्कार में भिन्न-2 प्रकार के वकतव्यों का उपयोग हो रहा हो – इन सभी को एक सामान्य भाषा-लिपि की गति में लिख पाना असंभव जैसा हो जाता है । इसलिए, हमें आवश्यकता पड़ती है एक ऐसी लिपि की जिसमें हम अधिक गति से लिख पायें, तथा विभिन्न प्रकार के वकतव्यों को लिख पायें ।
शुरुआत में केवल अंग्रेजी भाषा की स्टेनोग्राफी ही उपलब्ध हुआ करती थी परंतु आज लगभग हर भाषा की आशुलिपि है और हम यहां हिंदी भाषा की शॉर्टहैंड सीखने वाले हैं, जिसकी सहायता से आप 100 शब्द प्रति मिनट की गति से बोले जाने वकतव्यों को भी आसानी लिख पायेंगे ।
4. आज के समय में शॉर्टहैंड के लाभ-
* विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी विभागों में नोकरी ।
* एक कुशल स्टेनो, आशुलिपिक बनना ।
* एक ऐसी लिपि को लिख पाना जो केवल आप ही पढ़ पायें । ये बहुत ही आनंदमय, रोचक और खुशी देने वाला तथ्य है ।
* अपनी कुशलता को और प्रवीण करना तथा दूसरों को सीखाना आदि ।
दोस्तों, आज के समय में शॉर्टहैंड का सर्वाधिक उपयोग लोकसभा, विधानसभा, रिपोर्टिंग अन्य सरकारी विभागों में होता है जहां पर काफि संख्या में आशुलिपिक या स्टेनोग्राफर कार्य करते हैं। इन सभी आशुलिपिक का कार्य होता है – वकतव्यों को शॉर्टहैंड में लिखना तथा उसका रूपांतरण कर कंप्युटर या टाइपराइटर पर उसको टाइप करना । आजकल, विभिन्न सरकारी विभागों में विभिन्न वेतनमान में आशुलिपिकों की आवश्यकता पड़ती है, जिसको पूरा करने के लिए दिन-प्रतिदिन रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आते हैं । उन आवेदनों के माध्यम से आप भी इन सरकारी विभागों में आशुलिपिक बन सकते हैं और एक अच्छे वेतन के साथ अपना जीवनयापन कर सकते हैं । आपको हमारी वेबसाइट-रोजगार मंथन पर भी इन आवेदनों की सूचना मिलती रहेगी।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद यदि कोई विद्यार्थी चाहता है कि अंग्रेजी भाषा की शॉर्टहैंड सीखें तो बस हिंदी शॉर्टहैंड में थोड़ा सा सुधार करके और तथा अंग्रेजी शॉर्टहैंड के कुछ सिद्धांत का उपयोग करके 2 से तीन महीने में एक अच्छे अंग्रेजी स्टेनोग्राफर बन सकते हैं ।
इस कोर्स का मूल आधार हमारी एक पुस्तक रहेगी, जिसे पढ़कर आप स्वयं भी आशुलिपि सीख सकते हैं । पुस्तक का नाम है – हिंदी संकेत लिपि (ऋषि प्रणाली) -लेखक -ऋषि अग्रवाल । पुस्तक की pdf के लिए यहां क्लिक करें -
लेकिन, यदि आप इस कोर्स से सीखते हैं, तो आपको काफि सारी चीजें जो इस पुस्तक में स्किप करनी थी वो पता चलेगा तथा बहुत सी चीजें हम अपने से कोर्स में डालते हैं वो भी पता चलेंगी ।
5. कोर्स में निम्नलिखित चीजें अध्यायवार पढ़ाई जाएंगीः -
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वर्णमाला, अभ्यास -१ से ४.
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व्यंजनों को मिलाना, अभ्यास-५.
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स्वर या मात्राएं, अभ्यास-६ से ९.
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तवर्ग की दायीं-बायीं रेखाओं का प्रयोग, अभ्यास १० से ११.
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स, और म-न का प्रयोग, अभ्यास-१२ से १३.
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शब्द चिन्ह-१ से २, अभ्यास १४ से १५.
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शब्द चिन्ह-३, अभ्यास-१७.
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शब्द चिन्ह-४, अभ्यास-१७ से १८.
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स, श और ज (1) .
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रिविज़न, शब्द चिन्ह-५ से ६, अभ्यास-१९ से २०.
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स, श और ज (2), शब्द चिन्ह-७ से ८, अभ्यास-२१ से २२.
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सर्वनाम, अभ्यास-२३ से २५.
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"त" आंकड़े का प्रयोग, शब्द चिन्ह-९ से १०, अभ्यास - २६ से २७.
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"न" आंकड़े का प्रयोग, शब्द चिन्ह-११, अभ्यास - २८ से २९.
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"र" आंकड़े का प्रयोग, शब्द चिन्ह - १२ से १३, अभ्यास-३० से ३१.
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"ल" आंकड़ो का प्रयोग, शब्द चिन्ह - १४, अभ्यास- ३२ से ३३.
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स्व के वृत्त; स्त, स्थ या ष्ट का चाप; दार, धार या त्र का चाप; म्प या म्ब का प्रयोग, शब्द चिन्ह-१५ से १६, अभ्यास-३४ से ३५.
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लिंग-वचन, स, स्व और र, ल के कुछ प्रयोग, शब्द चिन्ह-१७, अभ्यास-३६ से ३७.
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र और ल के ऊपर और नीचे लिखे जाने का नियम, स्वर लोप करने के नियम, कटे हुए व्यंजनों का प्रयोग, शब्द चिन्ह-१८, अभ्यास-३८ से ३८.
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प, ब, ज, और ह का चिन्ह, शब्द चिन्ह-१९, अभ्यास-४० से ४१.
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बायाँ तथा दायाँ द्विध्वनिक मात्रा, त्रिध्वनिक मात्राएँ, ट, त और क के प्रयोग, शब्द चिन्ह-२०, अभ्यास-४२ से ४३.
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व्यंजनों को दुगुना करने के नियम, शब्द चिन्ह २१, अभ्यास-४४ से ४५.
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"व" या "य" के आंकड़े का प्रयोग, शब्द चिन्ह- २२ से २२-अ, अभ्यास - ४६ से ४७.
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कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण शब्द, अभ्यास-४८ से ५०.
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नकल करने और डिक्टेशन का तरीका.
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40 Word per minute (WPM) की स्पीड का डिक्टेशन-15.
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60 Word per minute (WPM) की स्पीड का डिक्टेशन -20.
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80 Word per minute (WPM) की स्पीड का डिक्टेशन -30.
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80 Word per minute (WPM) की स्पीड का डिक्टेशन - रामधारी सिंह दिनकर वाले.
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100 Word per minute (WPM) की स्पीड का डिक्टेशन - 30.
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100 Word per minute (WPM) की स्पीड का डिक्टेशन -रामधारी सिंह दिनकर वाले.
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धन्यवाद ज्ञापन ।
6. विद्यार्थियों के लिए आवश्यक निर्देश-
दोस्तों, आपको सीखने से पहले तथा सीखते समय कुछ निर्देशों का पालन करना होगा, जिनको पूरा किये बिना एक सफल आशुलिपिक बन पाना मुश्किल है। विद्यार्थियों को चाहिये कि निम्नलिखित निर्देशों का पालन करें ।
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रोजाना उचित समय के लिए अभ्यास करें, चाहे आधे घण्टे के लिए करें । कभी भी शॉर्टहैंड के कॉर्स को बीच में ना छोड़े । इससे लय टूट जाती है और अगर छोड़ देते हैं तो फिर से शुरु करने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है ।
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अभ्यास करते समय एक पेंसिल का इस्तेमाल करें और लाइन वाली सफेद कागज की पुस्तक ताकि हल्के और मोटे अक्षरों में अंतर अच्छे से हो सके ।
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हमेशा उचित स्थिति में बैठकर ही अभ्यास करें – एक आशुलिपिक 15-20 मिनट तक लगातार लिख सकता है। वैसा बनने के लिए हमें ध्यान देना है- कि हम उतने समय तक बैठ सकते हैं या नहीं, और साथ में पन्नों को पलटने के लिए दूसरे हाथ से हमेशा पन्ना पकड़कर रखें ताकि मौजूदा पन्ने के भरते ही पन्ना पलट सकें, जैसा कि आप जानते ही हैं कि लिखते समय आपका एक हाथ व्यस्थ रहेगा।
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हमेशा लिखते समय जो लिख रहे हैं उसका उच्चारण करें, धीरे से या फिर मन में ।
शुरुआत में इतना काफि है, बाकि दिशा-निर्देश आपको समय-2 पर आने वाले अध्यायों में मिलते रहेंगें ।
दोस्तों, हम इस कॉर्स में बहुत ही सीमित चीजें आपको बताने वाले हैं – जो एक आशुलिपिक (स्टेनो) बनने के लिए जरूरी हैं । ताकि हम एक स्मार्ट तरिके और उचित परिश्रम के साथ में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें ।
धन्यवाद ।
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